सांप को साधू महात्मा का उपदेश

सांप को साधू महात्मा का उपदेश


एक गाँव के करीब  एक बड़े ज्ञानी साधु महात्मा का आश्रम था गाँव के लोग महात्मा का बड़ा आदर सम्मान करते थे इसलिए लोग अक्सर महात्मा का ज्ञान उपदेश सुनने आश्रम में आया करते थे 

साधु महात्मा लोगों को भलाई ओर सत्य के मार्ग पर चलने का उपदेश देते इसलिए गांव के कई लोग रोजाना साधु महात्मा के उपदेश सुनने आते थे और बड़े ध्यान से सुनते थे 

एकबार महात्मा लोगों को अपने आश्रम में उपदेश दे रहे थे तभी वह एक बड़ा सा काला नाग रेंगता हुआ आया 

और जहाँ सब लोग बैठे थे वहाँ से थोड़ा दूर साइड में एक कोने में जाकर फन फैलाये बेठ गया और  वो भी बड़े ध्यान से महात्मा का उपदेश सुनने लगा 

लोगों का ध्यान उपदेश से ज्यादा नाग पर जाने लगा  सारे लोग डरने लगे कही साँप डंस ना ले उपदेश समाप्त हुआ तो नाग वापस जाडीयो में अपने बील में गया 

गबराये हुए लोगो ने साधु से कहा की महात्मा ये साँप कहीं लोगो को काट ना ले महात्मा बोले गबराने की कोई जरूरत नही ये नाग है बिना वजह किसीको नही डसेगा 

और ये नाग भक्तिवान भी है ये सत्संग सुनने  आता है आप निश्चिन्त रहिये में नाग को समजाऊँगा

नाग रोज उपदेश सुनने आता एक दिन सब उपदेश समाप्त हुआ तो नाग जाने लगा तो साधू महात्मा ने नाग से कहा कि रुको तुम एक नियम लो कि की आज से तुम किसीको डंसोगे नही 

नाग ने नियम लिया कि महात्मा में आज से में किसीको भी नही डसूंगा 

नाग चार पाँच दिन कथा सुनने आया फिर नाग आना बंद हो गया महात्मा को चिंता होने लगी कि नाग कैसे उपदेश सुनने नहीं आता तो वो जंगल मे उसके बिल की तरफ नाग को ढूंढने लगे नाग बिल के पास लहूलुहान हालात में पड़ा मिला 

और महात्मा को बददुआ देने लगा की मेरी जिंदगी अपने नर्क बना दी अपने मुझे नियम दिया कि किसीको काटना मत तो मैने आजतक किसीको काटा नही है 

तो लोगो ने समजा की अब में काटूंगा नही इसलिए में जहां भी जाता लोग पत्थर मारते है

महात्मा ने नाग को उठाया और उसके जख्मो पर कुछ जड़ीबूटियों की दवा बनाई और नाग को लगाई अब नाग कुछ अच्छा महसूस कर रहा था 

तब महात्मा ने प्यार से नाग को समजाया और बोले मेने तुमको डसने से मना किया था फुकार मारने से नही  तुम फुकार नही मारोगे तो लोग तुम्हे जीने नही देंगे

अब नाग को कोई भी छेडता तो नाग जोर से फुकार करता जो लोग छेड़ते वो डरकर भाग जाते..


शिक्षा ;- कीसिको मारो मत किसीसे लड़ो जगड़ो मत पर आपत्ति आने पर फुकार जरुर करो मतलब आवाज़ जरूर उठाओ नही तो दुनिया जीने नही देगी


दोस्तों कहानी अच्छी लगे तो shere करना फीर मिलेंगे एक और नयी कहानी के साथ,,, धन्यवाद